2026-03-03 14:12:16
लोनी:- रज्जू भैया नगर, लक्ष्मी गार्डन में होली मिलन कार्यक्रम का आयोजन बड़े उत्साह और पारंपरिक गरिमा के साथ किया गया। कार्यक्रम में जिला सह कार्यवाह श्री सुशील अहलावत जी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उनके साथ नगर संघ चालक श्री शिव कुमार जी एवं भाग कार्यवाह श्री संजीव हिंदुस्तानी जी ने भी उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया।
अपने उद्बोधन में श्री सुशील अहलावत जी ने होली के पौराणिक प्रसंग — भक्त प्रह्लाद, हिरण्यकश्यप और होलिका की कथा का उल्लेख करते हुए बताया कि यह पर्व सत्य की असत्य पर विजय और भक्ति की शक्ति का प्रतीक है। उन्होंने “पंच परिवर्तन” विषय पर भी विस्तार से चर्चा की और कहा कि परिवार के बड़ों के मार्गदर्शन में बच्चों को होली खेलनी चाहिए। मोहल्लों में होलिका दहन के अवसर पर सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ, उत्साहपूर्वक टोलियों में नृत्य-गायन और एक-दूसरे को गुलाल लगाकर गले मिलना भारतीय संस्कृति की पहचान है। बड़ों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेना तथा महिलाओं के सम्मान में सदैव झुकना हमारा परम कर्तव्य है। उन्होंने सभी से किसी भी प्रकार के विवाद से दूर रहकर प्रेम और सौहार्द के साथ होली मनाने का आह्वान किया।
नगर संघ चालक श्री शिव कुमार जी ने प्रेम और भाईचारे के साथ होली मनाने की अपील की तथा उपस्थित सभी साथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। भाग कार्यवाह श्री संजीव हिंदुस्तानी जी ने होली की शुभकामनाएं देते हुए आपसी द्वेष भुलाकर पर्व मनाने, क्षेत्र के अपेक्षित परिवारों के साथ खुशियां बांटने, प्राकृतिक रंग-गुलाल के उपयोग, जल संरक्षण, प्लास्टिक एवं पॉलीथिन के कम प्रयोग तथा नशा एवं हुड़दंग से दूर रहने का संदेश दिया। साथ ही फाल्गुन पूर्णिमा पर ग्रहण की स्थिति के कारण पर्व मनाने के समय की जानकारी भी साझा की।
कार्यक्रम में विशेष रूप से संघ ध्वज स्थापित कर चित्र के समक्ष प्रार्थना की गई, जिससे परंपरा और अनुशासन का परिचय मिला। मुख्य शिक्षक श्री रोशन जी शारीरिक प्रमुख रहे।
कार्यक्रम में प्रचारक श्री गोविंद जी, श्री रामनिवास सन्नी जी (जिला कार्यकारिणी), सह कार्यवाह श्री अशोक जी, श्री सुमंत जी, श्रीकृष्ण जी, हरीश जी, जागेश जी, संजय जी, धीरज जी, दीपेंद्र जी, उमेश जी, कमल जी, अश्वनी जी, दीपक जी, अमित जी, श्री ओमपाल त्यागी जी, वीरेंद्र जी, राहुल वर्मा जी, हिमांशु जी, कौशल जैन जी, सविता जी, ममतेश जी, अर्चना जी सहित लगभग 300 लोगों ने सहभागिता की।
अंत में जलपान की व्यवस्था रही। सभी कार्यकर्ता और उपस्थित नागरिकों ने सादगीपूर्वक एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और समरसता, सद्भाव एवं सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का संकल्प लिया।