बाल विवाह कुप्रथा मिटाने को डीएलएसए सचिव नीलम कुमारी ने जागरूकता रथ किया रवाना

100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत गांव-गांव गूंजेगी जागरूकता की गूंज
News

2026-03-07 18:47:06

नारनौल। बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से मिटाने तथा बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के उद्देश्य से आज जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नीलम कुमारी ने एडीआर सेंटर से जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन एवं एमडीडी ऑफ इंडिया द्वारा संचालित बाल विवाह मुक्ति रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर उन्होंने मौजूद नागरिकों को बाल विवाह रोकथाम के लिए शपथ दिलाई तथा हस्ताक्षर के साथ इस अभियान की शुरुआत की। यह रथ गांव-गांव जाकर नागरिकों को जागरूक करेगा।

इस मौके पर जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की मुख्य सचिव एवं सीजेएम नीलम कुमारी ने कहा कि जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण द्वारा बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान चलाया गया है। उन्होंने बताया कि यह अभियान 100 दिवसीय देशव्यापी बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत चल रहा है। उन्होंने बताया कि इस अभियान को महिला एवं बाल विभाग तथा विभिन्न अन्य विभागों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें विभिन्न सामाजिक संस्थाओं का भी सहयोग रहेगा। उन्होंने बताया कि बाल विवाह न केवल एक सामाजिक कुरीति है बल्कि कानूनन एक गंभीर अपराध भी है। नियमानुसार 21 वर्ष से कम आयु के लड़के और 18 वर्ष से कम आयु की लड़की का विवाह करना दंडनीय है।

इस अपराध में शामिल होने वाले माता-पिता, रिश्तेदार, विवाह संपन्न कराने वाले पंडित, मौलवी या पादरी और यहां तक कि शादी में सेवाएं देने वाले हलवाई, टेंट वाले और बैंड बाजे वालों को भी 2 साल तक की जेल और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण आमजन से अपील करता है कि वे बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करें और इस कुप्रथा को जड़ से मिटाने में सहयोग दें। उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध बाल विवाह की सूचना तुरंत पुलिस हेल्पलाइन 112, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या डीएलएसए के हेल्पलाइन नंबर 01282-250322 पर दी जा सकती है। अभियान का मुख्य लक्ष्य समाज के हर वर्ग को इस कानून के प्रति सचेत करना है ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहे।

इस मौके पर संरक्षण अधिकारी एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी सरिता शर्मा, एमडीडी ऑफ इंडिया / शक्ति वाहिनी, जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन्स से जगदीप सिंह, दीपक, तुषार शर्मा, चरण सिंह, एडवोकेट गिरिबाला यादव, टेकचंद यादव, जिला बाल संरक्षण इकाई कार्यालय से कानूनी सह परिवीक्षा अधिकारी राजकुमार कोठारी के अलावा गणमान्य नागरिक भी मौजूद थे।

Readers Comments

Post Your Comment here.
Characters allowed :
Follow Us


Monday - Saturday: 10:00 - 17:00    |    
info@anupamsandesh.com
Copyright© Anupam Sandesh
Powered by DiGital Companion